बुधवार, 24 फ़रवरी 2021


ओशोधारा का ध्यान समाधि कार्यक्रम केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह एक तरह का ज्ञानयज्ञ है। सभी संत ऋषि मुनि कहते हैं कि अज्ञानता ही सारे दुखों की जड़ है। व्यक्ति को यदि आत्मबोध हो जाए, स्वयं के होने का ज्ञान हो जाए तो उसके सारे दुख क्षण भर में तिरोहित हो जाते हैं। क्योंकि वस्तुतः हमारी आत्मसत्ता अविनाशी है, शाश्वत है, चैतन्य है। लेकिन इसको न जानने के कारण अज्ञानतावश हम शरीर को, मन को इतना पकड़ लेते हैं और उन्हीं की सेवा में रात और दिन रत रहते हैं ।इसलिए  धीरे-धीरे जिंदगी को  एक निरंतर तनाव की स्थिति में जीने के लिए बाध्य हो जाते हैं। लेकिन स्वयं की आत्यंतिक सत्ता को जानना जरा भी कठिन नहीं है। बस केवल एक शर्त है कि जीवन में एक समर्थ सद्गुरु का सहारा मिल जाए। 

 आगामी 2 से 10 मार्च के बीच में यह अद्भुत ज्ञानयज्ञ ऑनलाइन संपन्न होने जा रहा है जिसमें ना कहीं आना है ना कहीं जाना है अपने घर में मोबाइल के ही सामने बैठकर zoom app के माध्यम से आत्मसत्ता से परिचित होने का द्वार खुल रहा है। 

 आप सादर आमंत्रित हैं। 

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021


ओशोधारा के प्रथम तल के ध्यान समाधि कार्यक्रम ( 2-10 मार्च 2021 )में आपका स्वागत है । इस कार्यक्रम में हम आनंदित जीवन की कला तो सीखते ही हैं , साथ ही अध्यात्म के रहस्य में प्रवेश भी करते हैं। साधना के जगत में किसी पूर्ण सद्गुरु से मिले ओंकार  के ज्ञान को साधना का सम्यक प्रारंभ कहा जाता है। सद्गुरु द्वारा नियुक्त प्रतिभाशाली आचार्यों के द्वारा इस कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ZOOM APP के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित किया जायेगा. अपने मित्रों - परिचितों को एक सुंदर उपहार दीजिए। अधिक जानकारी के लिए संपर्क-  9981551284

https://www.youtube.com/channel/UC4cuXbEotLF27Grm1Et2tnw

ओशोधारा का ध्यान समाधि कार्यक्रम केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह एक तरह का ज्ञानयज्ञ है। सभी संत ऋषि मुनि कहते हैं कि अज्ञानता ही सारे दु...